लिव इन रिलेशनशिप

आजकल हर कोई बस लिव इन रिलेशनशिप जैसे रिश्ते चाहता है। बिना शादी के बिना शादी की जिम्मेदारी के पतिपत्नी जैसे रहते है। जब मन भर जाये तो अपने अपने रस्ते अलग कर सकते है। ऐसे रिश्तो में किसी को किसी से शिकायत नहीं होती, और न कोई किसी पे जबरदस्ती दबाव बना सकता है.जहा आज इस तरह के रिश्तो को काफी जगह दिए जा रही है वही आने वाले समय में लोग शादी और तलाक जैसे मुसीबतो में उलज़ने की बजाय लिव इन रिलेशनशिप में रहना पसंद करेंगे दोस्तों।

मुझे ऐसे रिश्तो के बारे में एक ही बात लगती है जब तक जव्वाणी दीवानी है तब तक ऐसे रिश्ते की मौज होती है ,पर दोस्तों जिंदगी में हमे बहोत उतार चढ़ाव देखने पड़ते है। जिंदगी के एक मोड़ पैर हमे किसी अपने की सच्चे दिल से जरुरत महसूस होती है. जो हमारा ख्याल करे जब दुःख के बादल हो हमारे सर पे तो कोई अपना हो जो हमारी हिम्मत बन कर उस वक़्त हमे हिम्मत दे। आजकल के रिश्ते देख कर ऐसा लगता है की लोग लोगो से दूर होते जा रहे है बस पल भर की ख़ुशी के लिए जी रहे है।